राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद् उत्तर प्रदेश

लाइसेंस हेतु नियम एवं शर्तें

शर्तें :-

  1. लाइसेंस धारी उत्तर प्रदेष कृशि उत्पादन मण्डी अधिनियम 1964 और तद्धीन बनायी गई नियमावली और लाइसेंस जारी करने वाली मण्डी समिति की उपविधियों के उपबन्धों का पालन करेगा
  2. लाइसेंस धारी अधिनियम नियमावली तथा मण्डी समिति की उपविधियों के किन्हीं भी उपबन्धों के उपवचन अथवा् उल्लंघन की अनुज्ञा न देना और को भी उपवचन या उल्लंघन जो उसकी जानकारी में आये उसकी लिखित सूचना मण्डी समिति को देगा
  3. लाइसेंस धारी अपने कारोबार का संचालन न्यायगत व्यवहार के सिद्धान्तों के आधार पर ईमानदारी और उचित रूप से करेगा
  4. लाइसेंस धारी निर्दिश्ट कृशि उत्पादन के सम्बन्ध में ऐसे प्रपत्रों में ऐसे लेखे रखेगा और ऐसी विवरणियाँ प्रस्तुत करेगा जो समय-समय पर मण्डी समिति द्वारा निर्दिश्ट की जाय
  5. लाइसेंस धारी समस्त सौंदों को जैसे ही वह हो जायें अभिलेखों में दर्ज करेगा तथा स्टाफ की स्थिति के अनुसार अभिलेखों को अद्यावधि रखेगा
  6. लाइसेंस धारी लाइसेंस के अधीन किसी कारोबार के सौदों के लिए जिसमें कृशि उत्पादन के संग्रह अथवा् प्रक्रिया भी सम्मिलित है। लाइसेंस के लिए दिये गये प्रार्थना पत्र में उल्लिखित भू-गृहादि के अतिरिक्त जब कभी कोई भू-गृहादि बढ़ायेगा अथवा् उसमें परिवर्तन करेगा तो उसकी लिखित सूचना मण्डी समिति को देगा
  7. लाइसेंस धारी मण्डी समिति को पूर्व लिखित सूचना दिये बिना किसी भी व्यक्ति को जिसका नाम लाइसेंस के लिए दिये गये प्रार्थना पत्र में न हो अपने नियमित प्रदत्त रोजगार में नहीं लेगा
  8. लाइसेंस धारी सचिव तथा किसी भी अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी का जो मण्डी समिति द्वारा लाइसेंस धारी के लेखों और स्टाफ की जांच करने के लिए प्राधिकृत किया गया हो, समस्त उचित सुविधायें देने की व्यवस्था करेगा।
  9. लाइसेंस धारी मांगने पर अपना लाइसेंस सभापति सचिव अथवा् मण्डी समिति द्वारा तदर्थ प्राधिकृत अन्य किसी व्यक्ति को प्रस्तुत करेगा।
  10. लाइसेंस धारी ऐसी कार्यवाहियों अथवा् व्यवहारों में निरत न होगा जो निर्दिश्ट कृशि उत्पादन के विक्रय तथा क्रय विनियम के लिए हानिकर हो।
  11. लाइसेंस धारी किसी लाइसेंस प्राप्त दलाल, तोलक, मापक या पल्लेदार को अपने नियमित प्रदत्त कर्मचारी के रूप में न तो रखेगा न बने रहने देगा।
  12. लाइसेंस धारी अपनी दुकान पर विक्रय अथवा् संग्रह के लिए लाये गये निर्दिश्ट कृशि उत्पादन की सुरक्षित अभिरक्षा तथा उसके संरक्षण के लिए उत्तरदायी होगा।
  13. लाइसेंस धारी प्रतियोगिता को हटाने के लिए क्रेताओं के साथ मिलकर कोई समुच्चय (चववस) अथवा् संयोजन नहीं बनायेगा तथा विक्रेता को उसके उत्पादन के उचित मूल्य से वंचित करने के लिए ऐसा करने का न कोई प्रयास करेगा और न उसके लिए उकसायेगा।
  14. लाइसेंस धारी यदि वह व्यापारी है मण्डी स्थल में निर्दिश्ट कृशि उत्पादन के लिए किये गये नीलामों में उपस्थिति होने से न तो स्वयं जानबूझकर अलग रहेगा और न अपने प्राधिकृत किसी प्रतिनिधि को अलग रहने देगा।
  15. लाइसेंस धारी अपने कारोबार के भू-गृहादि के किसी प्रमुख स्थान पर अपना लाइसेंस प्रदर्षित करेगा।
  16. लाइसेंस धारी मण्डी स्थल में निर्दिश्ट कृशि उत्पादन की बिक्री तथा क्रय के सम्बन्ध में न तो स्वयं बहिस्कार करेगा और न किसी अन्य लाइसेंस धारी के बहिस्कार को प्रोत्साहित करेगा।
  17. लाइसेंस धारी अधिनियम नियमावली तथा उपविधियों के अधीन मण्डी समिति के सभापति या सचिव द्वारा समय-समय पर जारी किये गये आदेषों तथा निर्देषों का पालन करेगा।
  18. लाइसेंस धारी से जब मण्डी समिति अथवा् उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा अपेक्षा की जाय तो अपने कारोबार से समयबद्ध विशयों पर ठीक-ठीक सूचना देगा।
  19. लाइसेंस धारी यदि उसके पास मण्डी स्थल का लाइसेंस है निर्दिश्ट कृशि उत्पादन को केवल मण्डी स्थल में ही क्रय करेगा। मण्डी स्थल के बाहर मण्डी क्षेत्र में निर्दिश्ट कृशि उत्पादनों के विक्रय, क्रय, संग्रह, तौलने या प्रक्रिया हेतु किसी स्थान व्यवस्था करने के लिए पृथक लाइसेंस लेना आवष्यक होगा।
  20. लाइसेंस धारी यदि वह फुटकर व्यापारी है किसी भी निर्दिश्ट कृशि उत्पादन को किसी एक समय में उपविधि की धारा 20 के अन्तर्गत से अधिक न तो क्रय करेगा न संग्रह करेगा।
  21. लाइसेंस धारी यदि ग्राम व्यापारी है निर्दिश्ट कृशि उत्पादन को मण्डी क्षेत्र में कहीं भी सिवाय मण्डी स्थल के विक्रय नहीं करेगा।

उद्देश्य

  1. मण्डी विनियमन का उद्देष्य व्यापार में असुविधा उत्पन्न करना नहीं बल्कि उससे उत्पादन कर्ता एवं व्यापारी तथा उपभोकता के हित में चलाना है।
  2. विनियमित मण्डी में उत्पादन की षुद्धता एवं सफाई पर विषेश ध्यान दिया जाता है, जिससे वह आकर्शक बनकर अधिक मूल्य ही प्राप्त नहीं करती वरन् मण्डी को दूर-दूर तक प्रतिश्ठित भी करती है।
  3. मण्डी में विक्रेता से आढ़त, धर्मादा, कर्दा, मण्डी षुल्क फालतू तौल या कोई अन्य कटौती लेना या आरोपित करना जुर्म है।